Home / Blog

Blog

श्री कृष्ण की मृत्यु (भाग-1)

श्री-कृष्ण-की-मृत्यु

श्री कृष्ण की मृत्यु जो व्यक्ति इस धरती पर जन्म लेता है उसकी मृत्यु निश्चित है। भगवान श्री कृष्ण की मृत्यु भी इसी प्रकार निश्चित थी। महाभारत की समाप्ति के साथ लगभग मनवा जाती का भी अंत हो चूका था। चारों ओर शवों के ढेर लगे हुए थे। युद्ध में …

Read More »

आचार्य चाणक्य की नीति के अनुसार कौन है मनुष्य के (4) शत्रु?

आचार्य-चाणक्य

चाणक्य नीति या चाणक्य नीतिशास्त्र आचार्य चाणक्य का लिखा हुआ एक नीति ग्रन्थ है। कौन है आचार्य चाणक्य? आचार्य चाणक्य कौटिल्य या विष्णुगुप्त के नाम से भी जाने जाते है। वह शिक्षक,अर्थशास्त्री, धर्मशास्त्री, और चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे। आचार्य चाणक्य न्यायप्रिय, अतियंत विद्वान और साथ ही एक बहुत साधारण …

Read More »

श्री कृष्ण द्वारा कालिया नाग मर्दन

श्री-कृष्ण-कालिया-मर्दन

  श्री कृष्ण की कालिया नाग मर्दन लीला; भगवान विष्णु के द्वापर युग में लिए गए अवतार का नाम का श्री कृष्ण है। ग्रंथों में श्री कृष्ण द्वारा कालिया नाग मर्दन की लीला का भी वर्णन है, जो श्री कृष्ण की बाल लीलाओं में से एक है।   कालिया नाग …

Read More »

तेनाली रामा और बिल्ली

तेनाली रामा और बिल्ली

तेनाली रामा और बिल्ली एक बार विजयनगर के राजा कृष्णदेव राइ के महल में चूहों की भरमार लग गयी। राजा ने आज्ञा दी हर एक घर में एक बिल्ली पालनी ही चाहिए और कहा हर एक घर में एक गाए दे दो ताकि बिल्ली को दूद मिलता रहे। तेनाली रामा …

Read More »

नंदी कैसे बने भगवन शिव के वाहन?

नंदी कैसे बने भगवन शिव के वाहन? भगवान शिव का नाम सुन कर हमें माँ पारवती, उनकी जटाओं से निकलती हुयी गंगा, उनके गले का सर्प यह सब याद आता है और इसके साथ उनका वाहन नंदी भी याद आता है। नंदी भगवान शिव के वाहन हैं और वे सदैव …

Read More »

माता कूष्माण्डा की आरती

माँ कुष्मांडा

माता कूष्माण्डा की आरती कुष्मांडा जय जग सुखदानी मुझ पर दया करो महारानी पिंगला ज्वालामुखी निराली शाकम्बरी माँ भोली भाली लाखो नाम निराले तेरे भगत कई मतवाले तेरे भीमा पर्वत पर है डेरा स्वीकारो प्रणाम ये मेरा संब की सुनती हो जगदम्बे सुख पौचाती हो माँ अम्बे तेरे दर्शन का …

Read More »

श्री कृष्ण की महारास के लिए महादेव ने लिया गोपेश्वर महादेव का रूप

श्री-कृष्णा-महारास

श्री कृष्ण की रासलीला श्री कृष्ण की महारास; हिन्दू धर्म में देवों के देव महादेव के कई रूपों को पूजा जाता है। उन्ही में से एक है, श्री गोपेश्वर महादेव। आखिर क्यों लिया महादेव ने गोपी का रूप? यह बहुत ही दलिचस्प घटना पर आधारित है। यह घटना द्वापर युग …

Read More »

हनुमान जी के पंचमुखी (5 मुख वाले) अवतार की कथा

हनुमान जी के पंचमुखी अवतार की कथा आप सभी ने कभी न कभी हनुमान जी की पंचमुखी प्रतिमा को मंदिरों में देखा होगा। क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी ने पंचमुखी रूप क्यों धारण किया? यह है हनुमान जी के पंचमुखी रूप धारण करने की कथा: लंका में महाबलशाली …

Read More »

हनुमान जी की आरती

हनुमान जी की आरती

हनुमान जी की आरती  आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की। जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग दोष जाके निकट न झांपै। अंजनिपुत्र महा बलदायी, संतन के प्रभु सदा सहाई। दे बीरा रघुनाथ पठाये, लंका जारि सिया सुधि लाये। लंका-सो कोट समुद्र-सी खाई, जात पवनसुत बार न …

Read More »

माता चंद्रघंटा की आरती

माता चंद्रघंटा

माता चंद्रघंटा की आरती जय माँ चन्द्रघंटा सुख धाम। पूर्ण कीजो मेरे काम॥ चन्द्र समाज तू शीतल दाती। चन्द्र तेज किरणों में समाती॥ क्रोध को शांत बनाने वाली। मीठे बोल सिखाने वाली॥ मन की मालक मन भाती हो। चंद्रघंटा तुम वर दाती हो॥ सुन्दर भाव को लाने वाली। हर संकट …

Read More »