Home / प्रसिद्ध कथाएँ / तेनालीराम की कथाएँ / तेनालीराम और धोखेबाज मंत्री1 min read

तेनालीराम और धोखेबाज मंत्री1 min read

तेनालीराम और धोखेबाज मंत्री

एक बार की बात है, राजा कृष्णदेव राय के राज्य में बहुत भीषण गर्मी पड़ रही थी। गर्मी को देखते हुए राजा कृष्णदेव राय ने अपने राज्य में कुएँ खुदवाने का निर्णय लिया। इसकी ज़िम्मेदारी उन्होंने अपने दरबार के एक मंत्री को दी। कुछ समय बाद मंत्री ने आ कर राजा को बोला महाराज राज्य में सभी जगह कुएँ खुदवाये जा चुके हैं। राजा कृष्णदेव राय ने मंत्री को शाबाशी दी।

कुछ दिनों बाद तेनाली ने राजा कृष्णदेव राय से बोला महाराज मैं कुछ दिनों के लिए अपने गांव जाना चाहता हूँ। राजा बोले यहाँ बहुत काम हैं तेनाली तुम जल्दी वापस आ जाना। तेनालीराम बोला ठीक है महाराज मैं 15 दिनों में वापस आ जाऊंगा।

अगले ही दिन तेनाली अपने गांव के लिए निकल गया। देखते देखते 15 दिन बीत गए लेकिन तेनाली राम गांव से नहीं लौटा। राजा भी उदास रहने लगे। उन्होंने तेनाली का पता लगाने के लिए मंत्रियों को भेजा लेकिन तेनाली का कुछ पता न चला। मौका देख अन्य दरबारी तेनाली के खिलाफ राजा के मन में जहर भरने लगे।

एक महीना बीत गया तेनाली का कुछ पता नहीं लग रहा था। राजा बहुत परेशान थे। एक दिन तेनाली दरबार में आया। राजा गुस्से में बोले तेनाली तुमने कहा था तुम 15 दिन में वापस आ जाओगे तुमने वापस आने में इतने दिन क्यों लगा दिए। तेनाली बोला, महाराज मुझे माफ़ कर दीजिये! में जानता हूँ कि मुझे 15 दिन में वापस आ जाना चाहिए था लेकिन मुझे आने में देरी हो गयी।

और

पर जब मैं गांव जा रहा था तब मुझे रस्ते में एक जादूगर मिला। मैंने उससे एक जादू सीखा है। राजा बोले कैसा जादू? तेनाली बोले, महाराज मैं अपने जादू से कुएँ और नहरें गायब कर सकता हूँ। राजा कृष्णदेव राय और सभी दरबारी ठहाके लगा कर हॅसने लगे।

तेनाली बोला अगर आप सभी को भरोसा न हो तो आप मेरे साथ चलें। मैं आपको यह जादू कर के दिखाऊंगा। इसके बाद सभी दरबारी तेनाली के साथ चल दिए। तेनाली ने उन्हें एक जगह पर रोक दिया और बोला देखिये महाराज इस जगह पर मंत्री जी ने 5 कुएँ खुदवाये थे और अब यहाँ 2 ही रह गये हैं। मैंने 3 कुएँ गायब कर दिए।

राजा कृष्णदेव राय ने थोड़ी देर सोचा और समझ गए कि मंत्री ने कुएँ और नहर खुदवाने में धोखा-धड़ी की है। उन्होंने तुरंत उस मंत्री को गिरफ्तार करवाने का हुक्म दिया। तेनाली बोले महाराज मंत्री जी ने शहर में तो कुछ कुएँ खुदवाये पर गांव में उन्होंने कोई कुँवा नहीं खुदवाया। यही देखने मैं गांव गया था महाराज और ये काम 15 दिन में न हो पाया इसलिए मुझे आने में एक महीना लग गया। राजा कृष्णदेव राय ने कहा, कोई बात नहीं तेनाली। तुम अपनी समझदारी से मुझे हमेशा ही प्रसन्न कर देते हो।

15 easy to do Yoga Poses to Reduce Body Fat

For Similar Blogs Visit AYURVEDA GYAN

About Chyanika Pandey

Check Also

श्री-कृष्ण-की-मृत्यु

श्री कृष्ण की मृत्यु (भाग-1)

श्री कृष्ण की मृत्यु जो व्यक्ति इस धरती पर जन्म लेता है उसकी मृत्यु निश्चित …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *